Saturday, September 21, 2019

बचपन का झूला


बचपन का झूला

बचपन और बारिश का मौसम , कितना अनूठा होता है न ये समय, कोई बंधन कोई रूकावट नही रोक सकती 

हम बच्चे, माँ की आंख बचा कर निकल ही जाते थे, फिर धमाल को कौन रोक सकता था

पेड़ों पर रस्सी का झूला और सखियों संग झूलना , कितना मदमस्त होता था न सब

अब तो बच्चों के फोन ही सब कुछ हैं, वो धींगा मस्ती बस याद बन कर रह गई है

Wednesday, March 2, 2016

रेड़ा



मौसम बदल रहा है
हो जाये इक बार फिर
ये मस्ती भरा खेल
हम इसे रेड़ा कहते थे 
और आप ..?

Monday, February 29, 2016

नाम बतायें



नाम बतायें...
किस किस ने खेला इसे
जरा याद करें 
बचपन के दिन

Saturday, November 28, 2015

गीटे



   किस किस ने खेला ये खेल 
और कैसे
मम्मी से छुप कर या बता कर
मैने तो बहुत खेला
पंजाब में तो इसे गीटे कहते हैं 
और आपके यहाँ क्या कहते हैं

Monday, October 26, 2015

खेल



 किस किस ने खेला ये

ज़रा नाम तो बताओ 

याद आया कुछ ....

Saturday, October 24, 2015

तख्ती



             
       कलम

  
      तख्ती

   
    पढ़ाई


तख्ती पढ़ने का समय भी कितना अच्छा था
कभी तख्ती सुखाना
कभी स्याही सूख जाना और कभी
कलम का टूट जाना
वो अनमोल पल इक सपना हो गये
आज कम्पयूटर का युग है
बच्चे छी कह कर ये सब फेंक देंगे 
लेकिन तख्ती सुखाना
साथ में गुनगुनाना 
ये सब कहाँ जान पायेंगे 
बचपन की अनमोल यादें

Friday, August 7, 2015

Tuesday, June 2, 2015

खेल का नाम बताओ



   कौन कौन है जिसने ये खेल नही खेला

   वैसे तो ये खेल लड़को का ही होता था पर ताली बजाने का काम लड़कियाँ भी करती थी, कुछ तो हिस्सा भी लेती थी
ज़रा याद करके बताओ , इस खेल का क्या नाम था
याद है या भूल गये  😃

Tuesday, May 12, 2015

बचपन का सिनेमा




   कितने प्यारे दिन थे वो
किस किस ने ये सिनेमा देखा है 
सच सच बताना

Wednesday, March 18, 2015

लैंप और पढ़ाई


   
 किस किस को याद है ये लैंप


   ऐसे अंधेरे में बैठ कर पढ़ना


  पेपर की तैयारी करनी लैंप के साथ
  तब इनवर्टर कहाँ होते थे , लेकिन पढ़ने की लगन होती थी

Sunday, August 3, 2014

डालडा


 


    किस किस को याद है डालडा घी की
देसी घी तो दूर डालडा मिलना भी मुशिकल हो गया था
    हम सब इस खाली डिब्बे की ताक में रहते थे
   खेलने के लिये

Wednesday, December 4, 2013

गीटे


    

    किस किस ने खेला ये खेल

    मैं तो हार जाती थी

   गेंद गीटे ही आते थे

   आप भी सच सच बताना

Sunday, October 20, 2013

फांउनटेन पैन

 उफ्फ कितने प्यारे दिन थे जब निब के बिना काम ही नहीचलता था, और कहीं तेज़ी से लिखते हुये टूट गई 

तो खाओ टीचर की डाँट और सारे नोटस मिस करो वो अलग... आह कितने प्यारे दिन थे वे


   
    जब निब बदलने में देर होनी
    और जल्दी करने के चक्कर में 
    सारी उंगलियाँ स्याही से भर जाती थी
     अगर कपड़ो पर भी पड़ गये स्याही के छींटे 
     तो घर आकर पिटने के लिये तैयार रहो

     
   और अगर ,लिखते लिखते इंक खतमम हो गई तो फुसफुसा कर साथ वाली से मांगना

    चाहे थोड़ी देर पहले लड़ाई हुई हो लेकिन अब जरूरत है को बोलना ही पड़ेगा


   कभी ट्यूब का खराब हो जाना और घर जा कर डाँट खाना कि अभी तो पेन ले कर दिया था, आज तोड़ कर भी ले आई 
छोटे को देख पूरे छ महीने से एक ही पैन चला रहा है
  फिर मुँह फुला कर बैठ जाना
  अम्मा से जितने भी हाथ छुपाओ उन्हे दिख ही जाती थी स्याही से भरी उंगलियें
  श्लोक सुनो अलग से और पिटो अलग से


    लेकिन जो भी था बहुत प्यारा था
    काश समय को लौटा पाते

Tuesday, October 15, 2013

किस किस ने खेला


    

   कोकला छपाकी जुम्मे रात आई

  जो आगे पीछे देखे उसकी शामत आई

  किस किस ने खेला इसे

Friday, August 9, 2013

याद आया कुछ

यादें

किस किस ने ये नहीं किया

वो बीते दिन

आह

कोई लौटा दे

कितना परेशान हो जाते थे न

ज़रा सी टेप अटकने पर

याद आये वो दिन

Tuesday, July 30, 2013

अनोखा हादसा

हा हा


किस किस के साथ हुआ

ये हादसा

सच सच बताना

ऐसा होने पर

कैसा होता है

ओ तेरे की  ......

यही निकलता है

मूह से

सच बताना

ये हादसा है ही ऐसा

Monday, June 3, 2013

जहाज़

जहाज़


काश फिर से लौट आयें

वो

बचपन के दिन

जब

हमारे भी जहाज़ चलते थे

पानी में

 

Monday, May 27, 2013

सजा और मज़ा

सजा

सच बताना सारे

किस किस को मिली

ये प्यारी सजा

और

किस किस ने उठाया

इस

सजा का मज़ा

सची बताना

Thursday, April 18, 2013

पोस्ट कार्ड

पोस्ट कार्ड


किसी को याद है इसकी

जरूरत है इसकी

अब तो ईमेल ही चलती है

ये बचारे डाक खाने में में पड़े

आंसू बहा रहे हैं

किस किस ने इसका प्रयोग किया है

 

Saturday, March 9, 2013

स्तापू

स्तापू


किस किस ने खेला है

किस किस को याद है

इसका नाम

स्तापू

आओ फिर से खेले इक बार

काश बचपन लौट आये