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Tuesday, June 2, 2015

खेल का नाम बताओ



   कौन कौन है जिसने ये खेल नही खेला

   वैसे तो ये खेल लड़को का ही होता था पर ताली बजाने का काम लड़कियाँ भी करती थी, कुछ तो हिस्सा भी लेती थी
ज़रा याद करके बताओ , इस खेल का क्या नाम था
याद है या भूल गये  ��

Tuesday, May 12, 2015

बचपन का सिनेमा




   कितने प्यारे दिन थे वो
किस किस ने ये सिनेमा देखा है 
सच सच बताना

Wednesday, March 18, 2015

लैंप और पढ़ाई


   
 किस किस को याद है ये लैंप


   ऐसे अंधेरे में बैठ कर पढ़ना


  पेपर की तैयारी करनी लैंप के साथ
  तब इनवर्टर कहाँ होते थे , लेकिन पढ़ने की लगन होती थी

Sunday, August 3, 2014

डालडा


 


    किस किस को याद है डालडा घी की
देसी घी तो दूर डालडा मिलना भी मुशिकल हो गया था
    हम सब इस खाली डिब्बे की ताक में रहते थे
   खेलने के लिये

Wednesday, December 4, 2013

गीटे


    

    किस किस ने खेला ये खेल

    मैं तो हार जाती थी

   गेंद गीटे ही आते थे

   आप भी सच सच बताना

Sunday, October 20, 2013

फांउनटेन पैन

 उफ्फ कितने प्यारे दिन थे जब निब के बिना काम ही नहीचलता था, और कहीं तेज़ी से लिखते हुये टूट गई 

तो खाओ टीचर की डाँट और सारे नोटस मिस करो वो अलग... आह कितने प्यारे दिन थे वे


   
    जब निब बदलने में देर होनी
    और जल्दी करने के चक्कर में 
    सारी उंगलियाँ स्याही से भर जाती थी
     अगर कपड़ो पर भी पड़ गये स्याही के छींटे 
     तो घर आकर पिटने के लिये तैयार रहो

     
   और अगर ,लिखते लिखते इंक खतमम हो गई तो फुसफुसा कर साथ वाली से मांगना

    चाहे थोड़ी देर पहले लड़ाई हुई हो लेकिन अब जरूरत है को बोलना ही पड़ेगा


   कभी ट्यूब का खराब हो जाना और घर जा कर डाँट खाना कि अभी तो पेन ले कर दिया था, आज तोड़ कर भी ले आई 
छोटे को देख पूरे छ महीने से एक ही पैन चला रहा है
  फिर मुँह फुला कर बैठ जाना
  अम्मा से जितने भी हाथ छुपाओ उन्हे दिख ही जाती थी स्याही से भरी उंगलियें
  श्लोक सुनो अलग से और पिटो अलग से


    लेकिन जो भी था बहुत प्यारा था
    काश समय को लौटा पाते

Tuesday, October 15, 2013

किस किस ने खेला


    

   कोकला छपाकी जुम्मे रात आई

  जो आगे पीछे देखे उसकी शामत आई

  किस किस ने खेला इसे