Monday, June 3, 2013

जहाज़

जहाज़


काश फिर से लौट आयें

वो

बचपन के दिन

जब

हमारे भी जहाज़ चलते थे

पानी में

 

2 comments:

  1. भाई हमने तो खुब नाव चलायी है

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    1. आभार प्रशांत जी ...सच में कितने प्यारे दिन थे वो

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